आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से

भोपाल [ महा मीडिया] आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ-साथ दस महाविद्याओं की गुप्त रूप से साधना की जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से तंत्र-मंत्र, सिद्धि प्राप्ति और मनोकामना पूर्ति के लिए साधकों द्वारा मनाया जाता है। गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व तंत्र साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा को जागृत करने के लिए होता है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक गुप्त नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्र 15 जुलाई से शुरू होगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस विशेष पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ महाविद्याओं की गुप्त रूप से साधना और उपासना की जाती है। कलश स्थापना कर अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की जाती है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखते हैं और प्रतिदिन मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं। ज्योतिष मर्मज्ञ पंडित प्रभात मिश्र ने बताया कि गुप्त नवरात्र में की गई साधना शीघ्र फलदायी होती है। इस दौरान दस महाविद्याओं की उपासना का भी विशेष महत्व है।

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