अठारह राज्यों के राजकोषीय घाटे मे वृद्धि
भोपाल [ महामीडिया]
कैग की तीसरी वार्षिक समीक्षा में कहा गया है कि 2024-25 में भारत के 28 राज्यों में से 18 राज्यों ने सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 3 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे की सीमा को पार कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक मेघालय का राजकोषीय घाटा उसके जीएसडीपी का 8.69 प्रतिशत रहा है जो सर्वाधिक है। इसके बाद नगालैंड का 6.14 प्रतिशत और सिक्किम का राजकोषीय घाटा 5.59 प्रतिशत रहा। इसके अलावा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और ओडिशा सहित 14 राज्यों का राजकोषीय घाटा 2023-24 की तुलना में 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। इसके अलावा 2024-25 में 15 राज्य राजस्व घाटे में थे और संयुक्त घाटा 3.46 लाख करोड़ रुपये था। 2015-16 से 2024-25 तक के 10 वर्षों के विश्लेषण से पता चलता है कि सभी राज्यों की संयुक्त रूप से कुल देनदारी 31.20 लाख करोड़ रुपये से 190 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 90.51 लाख करोड़ रुपये हो गई है । इसकी हिस्सेदारी के हिसाब से देखें तो यह 24.19 प्रतिशत से बढ़कर 27.89 प्रतिशत हो गया है।