देश में जल्द ही प्राकृतिक खेती पर एमएससी और पीएचडी पाठ्यक्रम शुरू होगा
भोपाल [ महा मीडिया] देश में जल्द ही प्राकृतिक खेती पर एमएससी और पीएचडी पाठ्यक्रम शुरू होगा। इसके लिए देश के कृषि विश्वविद्यालयों में जल्द ही प्राकृतिक खेती पर अलग से एमएससी और पीएचडी पाठ्यक्रम पढ़ाया जा सकता है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने इसी महीने की शुरुआत में नई दिल्ली में उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के साथ बैठक कर प्रस्तावित पाठ्यक्रम पर उनकी राय मांगी है। गुजरात प्राकृतिक कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सी.के. टिंबाडिया पाठ्यक्रम निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने और सहायक महानिदेशक डॉ. ए.एस. यादव ने बैठक में प्रस्तावित एमएससी और पीएचडी पाठ्यक्रमों की रूपरेखा रखी और हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। यह नया पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बहुविषयक, योग्यता-आधारित और उद्योग-उन्मुख होगा। इसका मुख्य उद्देश्य रासायनिक-मुक्त खाद्य प्रणालियों, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार और पर्यावरण के अनुकूल खेती के लिए वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों की नई पीढ़ी तैयार करना है।