महाकाल आज जटाधारी स्वरुप में

महाकाल आज जटाधारी स्वरुप में

भोपाल [ महा मीडिया] आज श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का दिव्य 'जटाधारी राजा स्वरूप' में अलौकिक श्रृंगार किया गया है। सुबह तड़के 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद पंडे-पुजारियों ने भगवान महाकाल का जलाभिषेक और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से पूजन किया। इसके बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से पवित्र भस्म अर्पित की गई।बाबा के दिव्य मस्तक पर विशेष रूप से जटाएं और भांग-चंदन से अद्भुत आकृति तैयार की गई जो शिव के योगी और राजा दोनों रूपों को दर्शाती है। श्रृंगार के दौरान बाबा महाकाल को मस्तक पर वैष्णव तिलक, मोगरे-गुलाब के सुगंधित पुष्पों की माला, रजत मुकुट और आभूषण अर्पित किए गए। शिव के जटाधारी स्वरूप को गहरा ध्यान, आध्यात्मिक शक्ति और प्रकृति पर नियंत्रण का प्रतीक माना जाता है।

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