तीन दुर्लभ संयोग के साथ सर्वपितृ अमावस्या आज
मैहर [ महा मीडिया] तीन दुर्लभ संयोग के साथ सर्वपितृ अमावस्या पर शनिवार को शिप्रा और नर्मदा में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। गजछाया योग में पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध के लिए उज्जैन के सिद्धवट घाट पर रात से ही लोग पहुंचने लगे।उज्जैन में भक्तों द्वारा शनिश्चरी अमावस्या पर भगवान शनि को चढ़ाए गए तेल की 24 घंटे बाद नीलामी होगी। वहीं, घाटों पर जूते-चप्पल और कपड़े भी भक्त छोड़ेंगे। इन्हें री-साइकिल कर फाइल कवर और तेल जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उज्जैन के सिद्धवट घाट पर देशभर से लोग सुबह 5 बजे से ही पितरों के निमित्त तर्पण और पूजन के लिए पहुंचे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने चार पहिया वाहनों के लिए मंगलनाथ से भैरवगढ़ और भैरवगढ़ से सिद्धवट जाने वाले मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया है। अमावस्या तिथि शनिवार के दिन पड़ने से शनिश्चरी अमावस्या का योग बना है, जो शनिदेव की कृपा और कर्म सुधार के लिए उत्तम माना जाता है।हस्त नक्षत्र और कन्या राशि में सूर्य व चंद्रमा की युति से अत्यंत शुभ 'गज छाया योग' का निर्माण हुआ है।