श्री गुरु चरणों मे समर्पित हुईं महर्षि महेश योगी संस्थान की उपलब्लधियाँ

श्री गुरु चरणों मे समर्पित हुईं महर्षि महेश योगी संस्थान की उपलब्लधियाँ

भोपाल [ महा मीडिया]  

देश भर के महर्षि महेश योगी संस्थानों एवं महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों में दो दिवसीय श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया जिसमें समस्त महर्षि संस्थाओं की वर्ष भर की उपलब्धियों को श्री गुरुदेव ब्रह्मानंद सरस्वती जी महाराज एवं परम पूज्य संत महर्षि महेश योगी जी के गुरु चरण कमल में समर्पित करते हुए आगामी वर्ष के लिए गुरुओं का आशीर्वाद मांगा गया।  इस अवसर पर महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष वेद विद्या मार्तंड ब्रह्मचारी गिरीश जी ने अपने उद्वोधन  में कहा कि गुरु भक्ति का पर्व श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव एक या दो दिन का उत्सव नहीं है बल्कि यह पूरे जीवन का उत्सव है और इस जीवन में प्रत्येक दिन मनाया जाना चाहिए। तथापि हम भारतीय वैदिक परंपरा में पंचांग के अनुसार अपने गुरुओं का स्मरण करके नृत्य गायन, वादन एवं गुरु स्तुति के माध्यम से इसे मनाते हैं। 

समस्त महर्षि संस्थानों संस्थाओं की वर्ष भर की उपलब्धियां को श्री गुरुदेव ब्रह्मानंद सरस्वती जी एवं परम पूज्य संत महर्षि महेश योगी जी के गुरु चरण कमलों में समर्पित करते हुए महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के अध्यक्ष वेद विद्या मार्तंड ब्रह्मचारी गिरीश जी  ने कहा कि हम तो प्रत्येक दिन की शुरुआत गुरु पूजन से करते हैं एवं प्रतिदिन सारे कार्य गुरु की आज्ञा से ही करते हैं इसलिए हम सभी का एक ही संकल्प है हमारे गुरुओं के संकल्प को पूरा करना।
ब्रह्मचारी गिरीश जी ने एक जानकारी देते हुए बताया कि वैदिक स्वास्थ्य विधान में संगीत चिकित्सा का उल्लेख किया गया है और इसमें वेद की बहुत सारी विधाएं शामिल हैं सिर्फ इतना ही नहीं इस दिशा में महर्षि संस्थान संगीत चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। इस दौरान उन्होंने परम पूजनीय संत मर्द महर्षि महेश योगी जी के रोग विहीन समाज की चर्चा करते हुए वैदिक साउंड थेरेपी एवं वैदिक मंत्र चिकित्सा की पद्धति पर भी विस्तार से बताया।

महर्षि चेतना आधारित शिक्षा प्रणाली की चर्चा करते हुए डॉक्टर गिरीश जी ने बताया कि महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह में 153 विद्यालय 90000 छात्रों के साथ 15000 से अधिक शिक्षा एवं शिक्षिकाओं के द्वारा शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जिसमें नियमित रूप से महर्षि चेतना आधारित शिक्षा के साथ-साथ वैदिक ज्ञान विज्ञान एवं भारतीय संस्कृति की उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान की जा रही है।

भावातीत ध्यान एवं सिद्धि  पर बताया गया कि इस  वर्ष 25000 से अधिक अभ्यासकर्ता इसमें जोड़े गए हैं। महर्षि वेद विज्ञान विश्व विद्यापीठम के 24 से अधिक आवासीय परिसरों में 5,000 से अधिक वैदिक पंडित नियमित रूप से यज्ञ हवन एवं अनुष्ठान कर रहे हैं। ब्रह्मचारी जी ने बताया कि महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में 2 लाख से अधिक छात्र 64 से अधिक विभिन्न पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर रहे हैं। महर्षि गौशाला एवं प्रशिक्षण केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि गौ आधारित व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस गौशाला में 280 से अधिक से अधिक गायें वर्तमान समय में है एवं इस केंद्र में गौ पालन प्रशिक्षण की उन्नत व्यवस्था की गई है।

इसके पश्चात ब्रह्मचारी गिरीश जी ने महर्षि वर्ल्ड का तमगा, ओजस्वी पुस्तक का अंग्रेजी संस्करण, महर्षि विश्व शांति आंदोलन का ई न्यूज लेटर, मासिक ई ज्ञान, महर्षि स्कॉलरशिप अवार्ड एवं स्कॉलरशिप के ब्रोशर, महा मीडिया मासिक पत्रिका सहित मा मीडिया न्यू सर्विस का पोस्टर का विमोचन एवं लोकार्पण किया। इसके पश्चात ब्रह्मचारी गिरीश जी ने महर्षि वेद विज्ञान विश्व विद्यापीठम, महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह, महर्षि किड्स होम, महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय, महर्षि इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट भोपाल एवं इंदौर, महर्षि विश्वविद्यालय आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी छत्तीसगढ़, महर्षि इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्कूल डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग, महर्षि देरी एवं प्रशिक्षण केंद्र, महर्षि इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ साइंस, महर्षि वैदिक स्वास्थ्य केंद्र, महर्षी आनंद निकेतन, महर्षि नर्सरी, महर्षि कॉर्पोरेट डेवलपमेंट प्रोग्राम, महर्षि वेद विज्ञान प्रकाशन, महर्षि विश्व शांति आंदोलन, महर्षि आध्यात्मिक जन जागरण अभियान, महर्षि आइडियल भारत अभियान, महा मीडिया मासिक पत्रिका, महर्षि टावर सहित समस्त महर्षि इकाइयों की वर्ष भर की उपलब्धियां को श्री गुरु चरणों में समर्पित करते हुए आगामी वर्ष के लिए अपने गुरुओं से आशीर्वाद मांगा।  इसमें सुप्रसिद्ध चेतना वैज्ञानिक एवं भावातीत ध्यान के प्रणेता परम पूज्य महर्षि महेश योगी जी का रिकॉर्डेड संदेश प्रसारित किया गया जिसमें विस्तार पूर्वक भारतीय  वैदिक ज्ञान पद्धति, भावातीत ध्यान, भावातीत ध्यान सिद्धि की उपयोगिता पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला गया था जो कि विश्व परिवार की अवधारणा एवं वैदिक वेद विज्ञान की अवधारणा को अभिव्यक्त कर रहा था।    

इस कार्यक्रम के दौरान महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के कार्यकारी निदेशक प्रकाश जोशी जी का कहना था कि महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों की शिक्षा प्रणाली सर्वथा अन्य विद्यालय से इसलिए अलग है क्योंकि यहां चेतना आधारित शिक्षा के साथ-साथ वैदिक वेद विज्ञान की शिक्षा दी नियमित रूप से दी जा रही है। यही कारण है कि आज के आधुनिक युग में अभिभावक भारतीय ज्ञान एवं संस्कृति को महत्व देने के लिए महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कल ग्रुप प्रोफेसर भुवनेश शर्मा ने कहा कि गुरु को पूर्णिमा तिथि इसलिए दी गई है क्योंकि वह पूर्ण ज्ञानी होते हैं और गुरु की कृपा यही होती है कि उसके चित्र को पूर्ण ज्ञान प्राप्त हो जाए अर्थात गुरु का स्वरूप सागर के समान है जब किसी का स्वरूप नदी के समान है और यही कारण है की नदी सदैव सागर में समाहित हो जाती है। उनका कहना था कि भावातीत ध्यान एवं सिद्धि के व्यक्ति अपना गुरु स्वयं ढूंढ लेता है इसलिए आज की समस्या का समाधान गुरु परंपरा में निहित है। उन्होंने बताया कि वेद का स्पंदन सुनने मात्र से ही व्यक्ति को शांति प्राप्त होती है और जिस व्यक्ति के समस्त प्राकृतिक नियम जागृत हो वह तो त्वरित रूप से इसे अंगीकार कर लेता है।

इसके पश्चात महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय समूह के निदेशक संचार एवं जनसंपर्क विजय रत्न खरे जी ने बताया कि आगामी वर्ष से सीबीएसई बोर्ड के 10वीं एवं 12वीं के छात्रों के लिए 38 पुरस्कारों की घोषणा ब्रह्मचारी गिरीश जी  ने  कर दी है। इस स्कॉलरशिप में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने के साथ-साथ जरूरतमंद छात्रों को भी छात्रवृत्ति उपलब्ध करवाई जाएगी। यह 64 पर खरीदी में यह भी बताया कि महर्षि विश्व शांति समागम वर्ष 2012 में प्रारंभ किया गया था जिसका यह सफलतापूर्वक 17 वाँ वर्ष है इसमें अभी तक 752 से अधिक लोग शामिल हो चुके हैं।

महर्षि वैदिक हेल्थ सेंटर के डायरेक्टर वैद्य मधुसूदन देशपांडे ने महर्षि संस्थान द्वारा चलाए जा रहे वैदिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संस्था के द्वारा संचालित अत्याधुनिक अस्पताल में उच्च स्तरीय पंच कर्म की व्यवस्था की गई है जिसमें देश विदेश के लोग  पंच कर्म  कराने यहां आते हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल में लांबाखेड़ा और अरेरा कॉलोनी स्थित दो हेल्थ सेंटर स्थापित किए गए हैं जहां विशेषज्ञ वैद्यों द्वारा प्रत्येक दिन मरीजों को स्वस्थ किया जा रहा है।

इसके पूर्व महोत्सव के प्रथम दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया जिसमें  सुप्रसिद्ध भजन गायिका डॉ. रिंददाना रहस्य ने एक से बढ़कर एक भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। सर्वप्रथम उन्होंने प्रथम पूज्य गणेश भगवान की गणेश वंदना पर आधारित एक भजन की प्रस्तुति दी जो देव भाषा संस्कृत से अलंकृत थी।   इसके बाद उन्होंने गुरु को समर्पित गुरु वंदना भजन की समसामयिक प्रस्तुति जो की श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव के औचित्य को रेखांकित कर रही थी। इस दौरान सुप्रसिद्ध भजन गायिका को तबला पर पंडित अनूप घोष, हारमोनियम पर डॉक्टर आशिश कुमार, बांसुरी पर अतुल शंकर, सितार पर अंडवी जी एवं मनोज सिंह बारोलिया ने संगति प्रदान की।इसके बाद  सुप्रसिद्ध नृत्यांगना मुक्तिश्री एवं उनके दल ने कत्थक नृत्यों की सुन्दर प्रस्तुति दी जिसे सभी ने भूरि - भूरि प्रशंसा की I 

इस दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन ब्रह्मानंद सरस्वती आश्रम, भोजपुर मंदिर मार्ग, छान के महर्षि उत्सव भवन में किया गया था।

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