सार्वजनिक परीक्षा संशोधन अधिनियम पास
भोपाल [ महामीडिया]
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सार्वजनिक परीक्षा संशोधन अधिनियम को मंज़ूरी दे दी है । इस कानून में परीक्षा में गड़बड़ी के लिए कड़ी सज़ा,तय समय में जांच और इस कानून के तहत अपराधों से निपटने के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान है। 2024 का अधिनियम सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने और संगठित नकल करने वाले नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए बनाया गया है। परीक्षा से जुड़े अपराधों में शामिल सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए जुर्माना ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है और उन्हें सार्वजनिक परीक्षा आयोजित करने से रोकने की अवधि चार साल से बढ़ाकर आठ साल कर दी गई है । ऐसे अपराधों में शामिल पाए जाने वाले डायरेक्टर और सीनियर मैनेजमेंट को कम से कम पाँच साल की जेल होगी ।