22 राज्यों के पूंजीगत व्यय में गिरावट

22 राज्यों के पूंजीगत व्यय में गिरावट

भोपाल [ महा मीडिया] मासिक खातों के विश्लेषण से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 22 राज्यों द्वारा पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का अनुपात पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में कम रहा है। हालांकि पिछले छह वित्त वर्षों के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार व्यय की गति औसतन मध्यम सीमा में बनी हुई है।अप्रैल-जून तिमाही में राज्यों ने अपने पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के संयुक्त बजट आवंटन 10.45 लाख करोड़ रुपये का 10.67 प्रतिशत यानी 1.11 लाख करोड़ रुपये उपयोग किया। यह वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में खर्च किए गए कुल आवंटन के 10.94 प्रतिशत से कम है। केरल ने इस सूची में बाजी मारी। राज्य ने अपने वार्षिक पूंजीगत व्यय का 36.41 प्रतिशत पहली तिमाही में उपयोग कर लिया। इसके बाद मध्य प्रदेश (18.21 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (16.61 प्रतिशत), हरियाणा (16.26 प्रतिशत), और हिमाचल प्रदेश (15.90 प्रतिशत) रहे। पूंजीगत व्यय  वह धन है जो कोई सरकार या कंपनी नई दीर्घकालिक संपत्तियां खरीदने, पुरानी संपत्तियों को सुधारने या उनका विस्तार करने के लिए खर्च करती है। इससे भविष्य में व्यापार या देश की उत्पादन क्षमता बढ़ती है। 

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