केंद्र सरकार औषधि मूल्य निर्धारण को तर्कसंगत बनाएगी

केंद्र सरकार औषधि मूल्य निर्धारण को तर्कसंगत बनाएगी

भोपाल [ महा मीडिया] केंद्र सरकार औषधि मूल्य निर्धारण ऑर्डर में ट्रेड-मार्जिन तर्कसंगत बनाने को औपचारिक रूप से शामिल करने के प्रस्ताव की जांच कर रही है। यह कदम दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने के सरकारी तंत्र को संभावित रूप से व्यापक बना देगा। इसके लिए अंतिम निर्णय लेने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। यह मामला विभाग की सक्रिय जांच के अधीन है।दरअसल गैर-अधिसूचित फार्मूलेशन दवाएं वो होती है जो आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची के तहत मूल्य सीमा के अधीन नहीं हैं। नॉन-शेड्यूल्ड मार्केट के लगभग 87 प्रतिशत हिस्से में वेटेड एवरेज मार्कअप 45 प्रतिशत तक था। केवल लगभग 4 प्रतिशत में वितरक को मूल्य से 100 प्रतिशत से अधिक का भारित औसत मार्कअप था। इस प्रकार क्षेत्र में भारी मार्जिन सामान्य बात नहीं है बल्कि यह इस बाजार के छोटे से खंड में हो सकता है।’ फार्मारैक डेटा ने समिति को अपने पेश किए गए आंकड़ों का हवाला देकर बताया कि गोलियों, कैप्सूल, पाउच, गम और स्ट्रिप्स जैसे सामान्य खुराक रूपों के लिए, वितरकों, स्टॉकस्टों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं को मिलने वाला औसत संयुक्त मार्कअप लगभग 43 प्रतिशत है ।

 

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