नवरात्रि नौ दिनों तक मनाने की परंपरा

नवरात्रि नौ दिनों तक मनाने की परंपरा

आज (12 अक्टूबर) 

नवरात्रि का दूसरा दिन है। नवरात्रि में नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। मां दुर्गा और महिषासुर के बीच आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से दशमी तिथि तक युद्ध हुआ था और दशमी तिथि पर देवी ने महिषासुर का वध किया था। इस मान्यता की वजह से नवरात्रि नौ दिनों तक और दसवें दिन विजयादशमी मनाते हैं। विजयादशमी की एक मान्यता यह भी है कि इस तिथि पर श्रीराम ने रावण का वध किया था।नवरात्रि का नौ दिनों तक मनाया जाना मुख्य रूप से मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों (नवदुर्गा) की आराधना और महिषासुर नामक राक्षस के साथ हुए उनके नौ दिनों के ऐतिहासिक युद्ध का प्रतीक है। दसवें दिन विजयादशमी (दशहरा) मनाई जाती है जो बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाती है। इन नौ दिनों में मां के अलग-अलग रूपों—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। अंकशास्त्र में अंक 9 को विशेष महत्व दिया जाता है। अंक ज्योतिष में इसे पूर्णता, ऊर्जा और परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। गणित में भी नौ की एक दिलचस्प विशेषता है। किसी संख्या को नौ से गुणा करने पर प्राप्त उत्तर के अंकों का योग कई बार नौ ही पाया जाता है। उदाहरण के लिए 9 को 2 से गुणा करने पर 18 मिलता है। अब 1 और 8 को जोड़ें, तो उत्तर 9 आता है। इसी तरह 9 को 5 से गुणा करने पर 45 मिलता है और 4 तथा 5 का योग भी 9 होता है। इसलिए अंक ज्‍योतिष में इस अंक को पूर्णता और निरंतरता से जोड़कर देखा जाता है।

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