मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक निष्पक्षता को रेखांकित किया

मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक निष्पक्षता को रेखांकित किया

मुंबई [महा मीडिया] 

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने न्यायिक निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा कि अदालत के दरवाजे देश के हर नागरिक के लिए हमेशा खुले हैं। चाहे वह कोई आम नागरिक हो या किसी निर्वाचित निकाय, संसद या विधानसभा का सदस्य, कोई भी उचित प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल कर सकता है। इंडी गठबंधन के विरोध मार्च और मुलाकात की मांग पर भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट रुख अपनाया है। सीजेआई ने विपक्षी नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलने में असमर्थता जताई है। उन्हें औपचारिक कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें मुलाकात के अनुरोध का पत्र मिला था जिसका उन्होंने लिखित में जवाब भेज दिया है और मिलने में असमर्थ होने के कारणों से भी अवगत करा दिया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश के इस बयान से साफ है कि राजनीतिक मुद्दों या विरोध प्रदर्शनों के तहत सीधे चैंबर में मुलाकात करने के बजाय मामलों को औपचारिक कानूनी तरीके से शीर्ष अदालत के समक्ष लाया जाना चाहिए।

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