कर्म ही मेरा धर्म है : मोदी

कर्म ही मेरा धर्म है : मोदी

मुंबई [महा मीडिया] 

सेवाकाल के 25 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदिरा गांधी स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह मिशन के लिए जीवन जीने वाले इंसान हैं और कर्म करते रहना ही उनका धर्म है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है। इसलिए देश के लिए मेरा दायित्व भी सबसे अधिक है और मैं हृदय से ये मानता हूं कि देश के हर नागरिक का मुझपर सबसे बड़ा हक है। यह 25 वर्ष का जनविश्वास, यह 25 वर्षों का अनुभव बहुत बड़ी पूंजी है और यह पूंजी सिर्फ मोदी की नहीं है यह पूंजी देश की है। उन्होंने आगे कहा, "आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो केवल कृतज्ञता का भाव ही नजर आता है। मैं कृतज्ञ हूं हर उस व्यक्ति, हर उस घटना के प्रति जिसने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है। जिसने मुझे जिताया मुझे विनम्र होना सिखाया। जिसने मुझे गिराया, मुझे फिर खड़ा होना सिखाया। शुभचिंतकों ने मुझे प्रोत्साहित किया और आलोचकों ने मुझे अपने भीतर झांकना सिखाया। जिसने मेरा साथ दिया मुझे विश्वास की शक्ति दिखाई। जिसने मेरा विरोध किया मुझे लोकतंत्र की शक्ति समझाई। हर संकट मेरे धैर्य की परीक्षा रहा हर सफलता ने मेरे दायित्व को विस्तार दिया और हर सिद्धि ने बड़े लक्ष्यों की तरफ बढ़ने का साहस और जज्बा दिया।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "आज मैं जो कुछ हूं, जहां भी हूं, जिस दायित्व पर हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता-जनार्दन का ही है। मेरे लिए जनता-जनार्दन ईश्वर का ही रूप है। लाखों-करोड़ों देशवासियों के विश्वास और लाखों कार्यकर्ताओं का परिश्रम ही, मेरी सबसे बड़ी शक्ति रही है।"

सम्बंधित ख़बरें