घर-घर में विराजे भगवान गणेश
भोपाल [ महा मीडिया] गणेश चतुर्थी के अवसर पर देशभर के घरों और पंडालों में विघ्नहर्ता भगवान गणेश श्रद्धा और उल्लास के साथ विराजे हैं गणेश जी की मूर्ति को उत्तर, पूर्व या ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में रखना सबसे शुभ माना जाता है। घर के लिए बैठी हुई मुद्रा में और बाईं ओर मुड़ी हुई सूंड वाले गणपति जी अत्यंत कल्याणकारी माने जाते हैं। भगवान गणेश को मोदक और लड्डू का भोग अत्यंत प्रिय है। गणेश उत्सव के प्रथम दिन परंपरा अनुसार भगवान गणेश को घरों में स्थापित किया गया। शुभ मुहूर्त में स्थापना कर पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पहले दिन स्थापना से पूर्व शोभा यात्रा निकाली। रंग-गुलाल उड़ाते लोग गणपति बप्पा मोरया..आया रे आया गनपति आया.. की गूंज सुनाई दी। शोभा यात्रा विभिन्न मार्गों से निकाली गई। इसके बाद विधान पूर्व स्थापित किया।