होर्मुज के बाद अब लाल सागर पर संकट मंडराया

होर्मुज के बाद अब लाल सागर पर संकट मंडराया

 

भोपाल [ महामीडिया] 

लाल सागर के रास्ते नौवहन को बाधित करने की ईरान की कथित धमकी भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव डाल सकती है क्योंकि इससे सऊदी अरब से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होगी जो भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। ईरान ने यमन से कहा है कि यदि अमेरिका ईरान के बिजली ढांचे पर हमला करता है तो वे बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट (जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है) को अवरुद्ध करने की तैयारी करें। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद सऊदी अरब अपनी ईस्ट-वेस्ट क्रूड ऑयल पाइपलाइन के जरिए लाल सागर बंदरगाहों तक कच्चा तेल पहुंचा रहा है। जून में सऊदी अरब भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल स्रोत था जिसने उस महीने भारत के कुल आयात का 7 प्रतिशत से अधिक हिस्सा दिया। लाल सागर पर खतरा चिंताजनक स्थिति है। सऊदी अरब अपनी क्षमता लेकिन भारत के पास पर्याप्त भंडारण का 55–60 प्रतिशत लाल सागर के जरिये ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन से निर्यात कर रहा है। यदि यह मार्ग भी अवरुद्ध हो गया तो देशों को अपने भंडार का उपयोग करना पड़ेगा । 

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