हेरा पंचमी पर्व आज
भोपाल [ महा मीडिया] भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान मनाया जाने वाला हेरा पंचमी का त्योहार आज मनाया जाएगा। यह पर्व रथ यात्रा शुरू होने के पांचवें दिन आता है और इसका विशेष संबंध माता महालक्ष्मी और भगवान जगन्नाथ से जुड़ी एक पौराणिक कथा से है।‘हेरा’ का अर्थ है देखना या निहारना जबकि ‘पंचमी’ का मतलब है पांचवां दिन। इसी वजह से रथ यात्रा के पांचवें दिन माता लक्ष्मी भगवान जगन्नाथ की खोज में श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर के लिए निकलती हैं। हेरा पंचमी पुरी रथ यात्रा का एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर चले जाते हैं। जब कई दिन बीत जाने के बाद भी वे वापस नहीं लौटते तब माता लक्ष्मी उन्हें खोजने के लिए गुंडिचा मंदिर पहुंचती हैं। हेरा पंचमी की इस पूरी लीला को 'हेरा गोहा लीला' भी कहा जाता है। यह उत्सव भगवान द्वारा माता लक्ष्मी को दिए गए वचन को याद दिलाने और उनके प्रेम व मान-मनुहार की लीला को समर्पित है।