म.प्र.में आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण रोकना एक बड़ी चुनौती

म.प्र.में आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण रोकना एक बड़ी चुनौती

भोपाल [ महा मीडिया] म.प्र.में करीब डेढ़ लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के नाम पर होने वाले  भुगतान पर अब सरकार की सीधी निगरानी रहेगी। विभागों में तैनात आउटसोर्स कर्मियों का पूरा रिकॉर्ड रोम्स (रिसोर्स आउटसोर्सिंग एजेंसी मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। इसमें कर्मचारी की पहचान, योग्यता, पद, तैनाती, उपस्थिति, एजेंसी और वेतन से लेकर अनुबंध व कार्यादेश तक की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा असर उन आउटसोर्स एजेंसियों पर पड़ेगा जिनके जरिए सरकार से पूरी राशि लेने के बावजूद कर्मचारियों को निर्धारित भुगतान से कम वेतन देने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बाद आउटसोर्स सेवाओं के बिल ऑफलाइन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। एजेंसियों के बिल रोम्स पोर्टल से ही जनरेट होंगे। रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं करने वाले विभागों या एजेंसियों के भुगतान पर भी रोक लग सकती है।आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार न्यूनतम वेतन और अन्य भुगतान की राशि तय करती है। व्यवस्था के मुताबिक एजेंसी को कर्मचारी की सेवा के एवज में निर्धारित राशि का भुगतान किया जाता है लेकिन कई मामलों में कर्मचारियों को पूरी राशि नहीं मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब पोर्टल के जरिए सरकार यह पता कर सकेगी कि किस एजेंसी के पास कितने कर्मचारी हैं उन्हें कितना भुगतान किया जा रहा है और कर्मचारी के खाते तक वास्तविक रूप से कितनी राशि पहुंच रही है। कर्मचारियों की पहचान और उपस्थिति को आधार आधारित ई-केवाईसी से जोडऩे की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे कागजों पर कर्मचारियों की संख्या दिखाकर भुगतान लेने या ऐसे कर्मचारियों के नाम पर बिल लगाने की संभावनाओं पर अंकुश लगाने की कोशिश होगी जो वास्तव में सेवा में नहीं हैं।

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