सांस्कृतिक पर्व गणेशोत्सव की धूम

सांस्कृतिक पर्व गणेशोत्सव की धूम

भोपाल [ महा मीडिया] देशभर में गणेशोत्सव का 10 दिवसीय सांस्कृतिक पर्व पूरे हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना जाता है। हिंदू धर्म में किसी भी नए काम को प्रारंभ करने से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। माना जाता है कि भगवान गणेश की पूजा करने के बाद प्रारंभ होने वाला कार्य हर हाल में पूरा होगा। भगवान शिव व माता पार्वती के पुत्र गणेश को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। गणेश शब्द का अर्थ होता है जो समस्त जीव जाति के ईश अर्थात् स्वामी हो। गणेश जी को विनायक भी कहते हैं। विनायक शब्द का अर्थ है विशिष्ट नायक। वैदिक मत में सभी कार्य के आरम्भ जिस देवता का पूजन से होता है वही विनायक हैं। गणेश चतुर्थी के पर्व का आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्त्व है। गणेश चतुर्थी के त्योहार की धूम अब देशभर में देखने को मिलती है। यह त्योहार पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। देशभर में सांस्कृतिक पर्व गणेशोत्सव की धूम है, जिसमें जगह-जगह भव्य पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। मुंबई, पुणे जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर पंडाल सजाए गए हैं जहां पारंपरिक नृत्य, संगीत और भजन-कीर्तन गूंज रहे हैं। स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने इस धार्मिक आयोजन को सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना का माध्यम बनाया था।

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