हवन में आम के लकड़ी की उपयोगिता

हवन में आम के लकड़ी की उपयोगिता

भोपाल [ महा मीडिया]

हिंदू धर्म में कोई भी शुभ काम बिना हवन के पूरा नहीं माना जाता। चाहे गृह प्रवेश हो, शादी-ब्याह या फिर घर में किसी नए बच्चे का जन्म, घर की शुद्धि और शांति के लिए हवन जरूर कराया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और आसपास का माहौल एकदम पवित्र हो जाता है जिससे नए कामों में बिना किसी रुकावट के सफलता मिलती है। इसके पीछे सिर्फ सदियों पुरानी आस्था ही नहीं, बल्कि कई ठोस वैज्ञानिक कारण भी छिपे हैं। आम की लकड़ी को बहुत ही पवित्र, उर्वरता और देवत्व का साक्षात प्रतीक माना गया है। यही कारण है कि बड़े-बड़े धार्मिक अनुष्ठानों में इसका इस्तेमाल जरूरी होता है। ऐसा माना जाता है कि आम की समिधा  से हवन करने पर घर के कोने-कोने में छिपी नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है और सकारात्मकता का संचार होता है। इसके पवित्र धुएं से इंसान को मानसिक शांति मिलती है और बेवजह का तनाव दूर होता है। घी, कपूर, गुग्गुल के साथ जब आम की लकड़ी जलती है, तो इसका धुआं हवा को प्राकृतिक रूप से फिल्टर कर देता है। सनातन धर्म में भी आम के पेड़ को अत्यंत पवित्र और पूजनीय स्थान प्राप्त है। हमारे प्राचीन शास्त्रों और परंपराओं में इसे सुख-समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का साक्षात प्रतीक माना गया है। यही वजह है कि किसी भी मांगलिक कार्य या पूजा-पाठ में आम के पत्तों का विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाता है। 

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