केंद्र सरकार की नयी गोबरधन योजना
भोपाल [ महा मीडिया] मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने गोबरधन योजना को मंजूरी दी है। नई गोबर धन योजना का मकसद देश के गोबर, कृषि अवशेष, गन्ना मिलों से निकलने वाले प्रेसमड, नगर निकायों के जैविक कचरे और दूसरे बायोमास को स्वच्छ ईंधन में बदलना है। सरकार का लक्ष्य है कि इससे संपीड़ित बायोगैस का उत्पादन तेजी से बढ़े, किसानों को अतिरिक्त आय मिले, गांवों में रोजगार पैदा हो और आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम हो। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी। सरकार का कहना है कि यह योजना किसानों, ग्रामीण उद्यमियों और निजी निवेशकों के लिए नए अवसर खोलेगी। उत्पादकों को बाजार की निश्चितता देने के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों द्वारा बायोगैस की खरीद अनिवार्य की गई है। प्लांट लगाने के लिए प्रति टन प्रतिदिन क्षमता पर ₹2 करोड़ तक की पूंजीगत सहायता दी जाएगी। एमएसएमई इकाइयों को 85% तक क्रेडिट गारंटी का लाभ मिलेगा।