अमेरिका पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

अमेरिका पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

नई दिल्ली (महामीडिया):  अमेरिका में आज दो महाशक्तियों के बीच बड़ी बैठक होने जा रही है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका कल बुधवार को पहुंच चुके हैं। जिनपिंग का ये दौरा 11 साल के बाद हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद जॉइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग स्वागत किया। राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन का हाथ पकड़े हुए जब विमान से नीचे उतरे तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। शी जिनपिंग के स्वागत में करीब 100 फीट लंबा रेड कारपेट बिछाया गया और दो B-1 बॉम्बर विमानों ने आसमान से दोनों नेताओं को सलामी दी। साथ ही दोनों देशों के राष्ट्रगान के बीच अमेरिकी सेना के 479 सैनिकों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

वहीं, आज ट्रंप और जिनपिंग के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस दौरान 5 अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें ट्रेड, टैरिफ, AI, ताइवान को लेकर जारी तनाव, ईरान युद्ध और रूस से तेल खरीद का मुद्दा शामिल है। 

जिनपिंग ने अमेरिका पहुंचने के बाद कहा कि चीन और अमेरिका को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देश नए दौर में आपसी संबंधों के लिए सही रास्ता तलाश सकते हैं और द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता बनाए रख सकते हैं।

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, शी ने अपने लिखित भाषण में कहा कि चीन और अमेरिका दोनों महान देश हैं और दोनों देशों की जनता भी महान है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के हित एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से दोनों देशों के लोगों के बीच मैत्रीपूर्ण संपर्क रहा है।

शी ने मई में अपनी चीन यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई सहमति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने चीन-अमेरिका संबंधों में रणनीतिक स्थिरता बनाने पर सहमति जताई थी, जिसने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य के विकास के लिए दिशा तय की है।

शी ने कहा कि चीन और अमेरिका को एक ही दिशा में काम करना चाहिए और ऐसा स्थिर संबंध विकसित करना चाहिए, जिसमें सहयोग मुख्य आधार हो, प्रतिस्पर्धा संतुलित हो, मतभेदों को नियंत्रित रखा जाए और शांति के प्रति प्रतिबद्धता बनी रहे।

चीन के राष्ट्रपति ने कहा कि चीन के राष्ट्रीय पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर से महान बनाने का लक्ष्य एक-दूसरे के साथ चल सकता है। दोनों देश एक-दूसरे के प्रयासों के पूरक बन सकते हैं और इससे दुनिया को भी लाभ हो सकता है।

शी ने कहा कि चीन और अमेरिका के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की ऐतिहासिक दिशा में बदलाव नहीं आया है। उन्होंने ट्रंप के साथ द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक स्थिति से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा की उम्मीद भी जताई।

वहीं, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत में आज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के स्टेट फ्लोर पर विशेष समारोह का आयोजन करेंगे। साथ ही आज रात व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के सम्मान में राजकीय भोज होगा।

सम्बंधित ख़बरें