ईरानी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना पक्ष रखा

ईरानी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना पक्ष रखा

नई दिल्ली (महामीडिया):  ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उनका देश अमेरिकी दबाव के सामने नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों, बढ़ते दबाव और धमकियों के बावजूद ईरान का प्रतिरोध जारी रहेगा।

पेजेश्कियन का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के एक दिन बाद आया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान के साथ शांति समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका उसे “नष्ट” कर सकता है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान पेजेश्कियन ने कहा, “अमेरिका के राष्ट्रपति हमें आतंकवादी कहते हैं, लेकिन हम आतंकवाद के शिकार हैं।” उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई और दबाव की आलोचना करते हुए कहा कि उनके देश को अपने लोगों और क्षेत्र की रक्षा का अधिकार है।

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश दबाव के बावजूद अपनी स्थिति से पीछे नहीं हटेगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है और बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

पेजेश्कियन ने अमेरिका के साथ संभावित समझौते के संदर्भ में होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान पर लगे समुद्री दबाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ईरान के साथ समझौता चाहता है, तो दबाव और नाकाबंदी को हटाना होगा।

ईरानी अधिकारियों ने इससे पहले भी कहा है कि सैन्य दबाव कम होने और नाकाबंदी हटाए जाने की स्थिति में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर तैयार हो सकता है।

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