कलकत्ता हाईकोर्ट का बाल अधिकारों पर समसामियक निर्णय

कलकत्ता हाईकोर्ट का बाल अधिकारों पर समसामियक निर्णय

भोपाल [ महा मीडिया] 

कलकत्ता हाईकोर्ट ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह नाबालिग बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट में उसके सौतेले पिता का नाम जोड़ें और बच्चे का सरनेम बदलें। कोर्ट ने कहा कि "नाबालिग बच्चे के भले के लिए" ऐसा बदलाव ज़रूरी है। जस्टिस राजा बसु चौधरी ने एक माँ की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। माँ ने अपने नाबालिग बेटे का सरनेम और बर्थ रिकॉर्ड में उसके बायोलॉजिकल पिता का नाम बदलने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि समाज आगे बढ़ चुका है और "आज की दुनिया में रजिस्टर में बायोलॉजिकल पिता का नाम बनाए रखना" या सिंगल मदर के लिए बच्चे की परवरिश करने के मामले में यह ज़रूरी नहीं है।कोर्ट ने यह भी कहा कि यह बदलाव बच्चे के बालिग होने पर अपनी पसंद चुनने के अधिकार के अधीन होगा।

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