भारत के बासमती चावल निर्यात पर संकट के बादल

भारत के बासमती चावल निर्यात पर संकट के बादल

भोपाल [ महा मीडिया] ट्रंप प्रशासन ने ईरान की अर्थव्यवस्था को घेरने के लिए जो ‘ऑपरेशन इकनॉमिक आउटकास्ट’ शुरू किया है उसकी मार भारत को झेलनी पड़ सकती है। ईरान के साथ पहले ही घटते भारत के व्यापार में अमेरिका के इस कदम से और भी कमी आ सकती है। साथ ही पश्चिम एशिया में मालभाड़े और कच्चे तेल से जुड़े जोखिम भी बढ़ सकते हैं। भारत हर साल लगभग 50-60 लाख टन बासमती चावल का निर्यात करता है जिसमें लगभग 10 लाख टन चावल ईरान भेजा जाता है। वित्त वर्ष 2026 में भारत से ईरान को कुल 1.3 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात हुआ था जिसमें लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा बासमती चावल का ही था। यहां के बासमती चावल निर्यातकों को डर है कि द्वितीयक प्रतिबंध के कारण ईरान को आपूर्ति और भी घट सकती है जो उनके सबसे बड़े बाजारों में शुमार है।  ईरान के साथ भारत ने वित्त वर्ष 2019 में 17 अरब डॉलर व्यापार किया था जो वित्त वर्ष 2026 में घटकर केवल 1.6 अरब डॉलर रह गया है क्योंकि भारत ने प्रतिबंधों की मार झेल रहे इस देश से कच्चा तेल खरीदना बंद कर दिया है । 

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