उत्तराखंड में गणेशजी की मूर्ति का विसर्जन नहीं होता
जयपुर [ महा मीडिया] देश के कई इलाकों में इन दिनों गणेश उत्सव की धूम है। कईयों का कहना है कि है उत्तराखंड में गणेश विसर्जन करने की प्रथा नहीं है। इसके प्रति काफी विरोधाभास देखने को मिल रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश का जन्म उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में हुआ था। समुद्रतल से 3,310 मीटर की ऊंचाई पर खूबसूरत पहाड़ों से घिरा मनमोहक डोडीताल है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसान इस ताल के पास स्थित मंदिर को भगवान गश की जन्मस्थली माना जाता है।पौराणिक कथाओं के अनुसार डोडीताल में ही माता पार्वती ने स्नान करने से पहले द्वार की सुरक्षा के लिए अपने उबटन से भगवान गणेश को उत्पन्न किया था। यहां गणपति और उनकी माता पार्वती की मूर्ति विराजमान है। डोडीताल के पास बने मंदिर में मां माता की पूजा माता अन्नपूर्णा के रूप में होती हैं। ऐसी मान्यता है कि विसर्जन की परंपरा उन जगहों के लिए है जहां गणेश जी मेहमान या अतिथि के रूप में विराजमान किए जाते हैं लेकिन उत्तराखंड को गणेशजी की जन्मस्थली माना जाता है इसलिए लोगों का यह मत है कि यहां विसर्जन नहीं होना चाहिए।