म.प्र.में दुर्लभ खनिजों का अन्वेषण निजी क्षेत्र करेगा
भोपाल [ महा मीडिया] म.प्र. में लिथियम और कोबाल्ट जैसे भविष्य के दुर्लभ खनिजों की खोज का जिम्मा सरकारी विभागों के बजाय निजी एक्सपर्ट कंपनियों (थर्ड पार्टी) को सौंपा जाएगा। नए भंडारों की खोज पूरी होने के बाद सरकार इन ब्लॉक्स की नीलामी करेगी। राज्य सरकार खनिज संसाधनों की खोज को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश खनिज अन्वेषण नीति-2026 ला रही है इसमें यह व्यवस्था की गई है। बता दें कि अब तक खनिजों की खोज का काम सरकारी एजेंसियों के भरोसे था जिसमें समय और बजट दोनों ही अधिक लगता था। नई व्यवस्था में निजी कंपनियां अत्याधुनिक मशीनों और तकनीकों का उपयोग करेंगी। बता दें कि लिथियम और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों का उपयोग बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक तकनीक से जुड़े कई क्षेत्रों में होता है। प्रस्तावित खनिज नीति में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक खनिज संसाधनों से राजस्व आय 13,720 करोड़ रुपये तक और वित्त वर्ष 2030-31 के अंत तक इसे 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। लिथियम (Lithium) और कोबाल्ट (Cobalt) वर्तमान समय में ऊर्जा और तकनीक क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण दुर्लभ खनिज हैं। इनका मुख्य उपयोग लिथियम-आयन बैटरी बनाने में होता है, जो स्मार्टफोन, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) में ऊर्जा स्टोर करने का काम करती हैं।