भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन पर मद्रास हाईकोर्ट का सराहनीय निर्णय

भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन पर मद्रास हाईकोर्ट का सराहनीय निर्णय

पुणे [महामीडिया] 

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मिली छूट का उपयोग  भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन से संबंधित जानकारी रोकने के लिए नहीं किया जा सकता। जस्टिस हेमंत चंदनगौदर ने स्पष्ट किया कि RTI अधिनियम की धारा 24(4) के तहत किसी विभाग को छूट दिए जाने के बावजूद भ्रष्टाचार के आरोपों और मानवाधिकार उल्लंघन से संबंधित जानकारी इस छूट के दायरे से बाहर रहती है। हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें राज्य सूचना आयोग के आदेश को चुनौती दी गई थी जिसके तहत अधिकारियों के नाम और अन्य पहचान संबंधी विवरण हटाकर जांच के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था।
 

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