म.प्र. में बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी का मुद्दे पर पुलिस की सक्रियता बढ़ी

म.प्र. में बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी का मुद्दे पर पुलिस की सक्रियता बढ़ी

भोपाल [ महा मीडिया] ग्वालियर-चंबल के गांवों में दूसरे राज्यों से मानसिक रूप से अस्वस्थ बेसहारा लोगों को लाकर बंधुआ मजदूरी कराने पर पुलिस मुख्यालय ने सख्ती दिखाई है। ऐसे लोगों को रेलवे स्टेशनों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से जबरन ले जाकर घरों और खेतों में काम कराया जाता है। मजदूरी तो दूर, पर्याप्त खाना भी नहीं दिया जाता। एक नवंबर 2026 के बाद किसी थाना क्षेत्र में ऐसा पीड़ित मिलने पर थाना प्रभारी और बीट अमले की जवाबदेही तय होगी। पुलिस श्रम विभाग का मामला बताकर नहीं बच सकेगी । पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि जबरन बंधुआ मजदूरी मानव तस्करी का अपराध है। बीएनएस की धारा 143 में केस दर्ज होगा। सूचना दर्ज नहीं करने वाले पुलिस अधिकारी पर धारा के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।

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