पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव की तैयारी
भोपाल [ महा मीडिया] पर्यावरण की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियानों ने गणेशोत्सव के बाजार में बड़ा बदलाव ला दिया है। कम हुई है और मिट्टी, शाड़ू मिट्टी तथा पंचगव्य (गाय का दूध, दही, घी, गोमूत्र, गोबर) से बनी प्रतिमाओं की मांग बढ़ी है। लोग मिट्टी की प्रतिमा को शुभ और पर्यावरण के अनुकूल मानते हुए इन्हीं की मांग कर रहे हैं।इस वर्ष करीब 15 हजार पंचगव्य मिश्रित गोबर की प्रतिमाएं तैयार करने का लक्ष्य है। करीब एक हजार बन चुकी हैं। इंदौर, सीहोर, दिल्ली सहित कई शहरों से ऑर्डर मिल चुके हैं।अब बाजार में पंचगव्य मिश्रित गोबर की पहले 12 इंच तक प्रतिमाएं बनाई जाती थीं अब 24 इंच तक बन रही हैं। इस बार प्रतिमाओं को आकर्षक बनाने के लिए साफा, दुपट्टा और धोती जैसे वस्त्र भी पहनाए जाएंगे। जवाहर चौक, डिपो चौराहा, 10 नंबर, एमपी नगर व कोलार में बिक्री केंद्र होंगे। पहले एक ही रहता था।कोंकण से करीब 15 हजार शाड़ू मिट्टी की प्रतिमाएं मंगाई जा रही हैं। पेन की शाड़ू मिट्टी से बनी करीब 12 हजार प्रतिमाएं मंगाई गई हैं। इनमें 10 हजार प्रतिमाएं भोपाल पहुंच चुकी हैं।