आत्मबल का प्रतीक है नवरात्र महोत्सव 

आत्मबल का प्रतीक है नवरात्र महोत्सव 

भोपाल [ महा मीडिया] महर्षि संस्थान में वेद विद्या मार्तंड ब्रह्मचारी डॉ गिरीश जी के मार्गदर्शन में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा के पांचवें दिन कथा व्यास आचार्य डॉ निलिम्प त्रिपाठी जी ने  मां जगदंबा की महिमा, शक्ति और साधना के विभिन्न पक्षों को उद्घाटित किया।
आचार्य जी ने धैर्य, तप और आत्मसंयम के महत्व को समझाया । जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियां साधक की वास्तविक परीक्षा होती हैं और इन्हीं के माध्यम से व्यक्ति के भीतर आत्मबल का विकास होता है।
श्रद्धालुजन मां की भक्ति में पूरी तरह लीन दिखाई दिए। प्रकृति संरक्षण और जीवन में सकारात्मकता पर मनुष्य  के  व्यवहार पर भी सुंदर दृष्टांत दिए गए।
कथा के आरंभ में मां भगवती की भव्य आरती और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों और मातृशक्ति ने कथा का रसपान किया और प्रसाद ग्रहण किया।

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