इष्टदेव को रक्षासूत्र बांधने की परंपरा

इष्टदेव को रक्षासूत्र बांधने की परंपरा

भोपाल [ महा मीडिया] जिन महिलाओं का कोई भाई नहीं है वह रक्षाबंधन पर अपने इष्टदेव को रक्षासूत्र बांध सकती हैं। भगवान गणेश, देवी दुर्गा, हनुमान जी, श्रीकृष्ण, श्रीराम, भगवान शिव या जिस देवी-देवता को हम अपना आराध्य मानते हैं, उन्हें राखी बांधकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की जा सकती है। पुरुष भी अपने इष्टदेव को रक्षासूत्र बांध सकते हैं। इसे भगवान के प्रति आस्था और अपनी रक्षा की प्रार्थना के रूप में देखा जाता है। अगर आपके पास बाजार वाली राखी या रक्षासूत्र नहीं है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। रेशमी धागे को भी राखी की तरह भाई की कलाई पर बांधा जा सकता है। रेशमी धागा भी न हो, तो पूजा में उपयोग होने वाला लाल धागा रक्षासूत्र के रूप में बांधा जा सकता है। अगर इनमें से कुछ भी उपलब्ध नहीं है तो भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसके  सुख और उज्ज्वल भविष्य की कामना करके रक्षाबंधन मनाया जा सकता है।

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