शरद पूर्णिमा पर्व 25 अक्टूबर को
मैहर [ महा मीडिया] इस वर्ष शरद पूर्णिमा का मुख्य पर्व 25 अक्टूबर रविवार को मनाया जाएगा। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11:55 बजे शुरू होगी और 26 अक्टूबर को सुबह 09:41 बजे समाप्त होगी। चूंकि शरद पूर्णिमा की पूजा, चंद्र दर्शन और खुले आसमान के नीचे खीर रखने की परंपरा रात्रि काल में होती है इसलिए यह मुख्य त्योहार 25 अक्टूबर (रविवार) की रात को ही मनाया जाएगा। शरद पूर्णिमा की रात पूजा के लिए निशिता काल का विशेष महत्व है। 25 अक्टूबर को निशिता काल रात 11 बजकर 39 मिनट से शुरू होकर 26 अक्टूबर की रात 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होते हैं। ब्रज परंपरा में इस रात का विशेष महत्व है। इसी रात श्रीकृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के साथ महारास किया था इसलिए इसे रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। वहीं, बंगाल और ओडिशा में कोजागरी लक्ष्मी पूजा की परंपरा है।