आज नवरात्रि की पाँचवीं देवी मां स्कंदमाता की पूजा

आज नवरात्रि की पाँचवीं देवी मां स्कंदमाता की पूजा

मैहर [ महामीडिया] शरदीय नवरात्रि का पांचवां दिन 15 अक्टूबर को है और इस दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता होने के कारण इन्हें 'स्कंदमाता' कहा जाता है। पारिवारिक खुशहाली के लिए मां स्कंदमाता की उपासना अत्यंत फलदायी मानी गई है।माता का रंग पूर्णतः सफेद है और मां कमल के पुष्प पर विराजित रहती हैं जिसके कारण इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है। देवी मां की चार भुजाएं हैं। ऊपर की दाहिनी भुजा में अपने पुत्र स्कंद को पकड़े हुए हैं और इनके निचले दाहिने हाथ तथा एक बाएं हाथ में कमल का फूल है जबकि माता का दूसरा बायां हाथ अभय मुद्रा में रहता है। माना जाता है कि देवी मां अपने भक्तों पर ठीक उसी प्रकार कृपा बनाये रखती हैं जिस प्रकार एक मां अपने बच्चों पर बनाकर रखती हैं। देवी मां अपने भक्तों को सुख-शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं। साथ ही स्कंदमाता हमें सिखाती हैं कि हमारा जीवन एक संग्राम है और हम स्वयं अपने सेनापति हैं। लिहाजा देवी मां से हमें सैन्य संचालन की प्रेरणा भी मिलती है। 

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