ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में 100 प्रतिशत अंकों का बड़ा घोटाला

ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में 100 प्रतिशत अंकों का बड़ा घोटाला

भोपाल [ महा मीडिया] डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक के अंशकालिक पदों की भर्ती में 100 प्रतिशत अंकों का बड़ा घोटाला सामने आया है। इस पद पर हर साल देश भर में हो रही 20-22 हजार लोगों की भर्तियों की न्यूनतम योग्यता 10वीं पास है। इसके चयन का आधार 10वीं के अंक होते हैं।मध्य प्रदेश सर्किल अनारक्षित: छतरपुर, छिंदवाड़ा, गुना, खंडवा, मंडला, मंदसौर, मुरैना, रतलाम, सागर, विदिशा आदि लगभग सभी मंडलों के बीपीएम, एबीपीएम और डाकसेवक पदों पर यूआर कटऑफ 100 प्रतिशत रही है। जीडीएस में ट्रांसफर के लिए दो साल का नियम है। इसलिए हरियाणा-तेलंगाना के युवा अन्य राज्यों में नौकरी करने को तैयार हैं। उन्हें सिर्फ दो साल काटने होते हैं। भारतीय डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक के पदों पर भर्ती के लिए पहली मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद अब लाखों उम्मीदवारों की निगाहें ‘दूसरी मेरिट लिस्ट’ पर टिकी हैं। वे उम्मीदवार जो बहुत कम अंतर से पहली लिस्ट में जगह बनाने से चूक गए है, उनके लिए मौका रहेगा। कटऑफ का विश्लेषण करने से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश सर्कल में अनारक्षित श्रेणी के तहत सभी डिविजनों और पोस्ट ऑफिसों में केवल 100 फीसद अंक वाले उम्मीदवारों का ही चयन हुआ है। ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस में अधिकांश मंडलों में कटऑफ सामान्य वर्ग के समान ही 98 फीसदी से 100 फीसदी के बीच सिमटी रही। कुछ वर्षों से संबंधित शिक्षा बोर्ड कर्मचारियों, दलालों और डाक विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसी अंकसूचियों का दखल बढ़ा है। जबलपुर डाक सर्किल ने बिहार बोर्ड से जारी 100 प्रतिशत अंक वाले आठ लोगों को बर्खास्त किया है। इनके विरुद्ध सीबीआई ने मामला दर्ज किया है।

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