बालाघाट में मलेरिया का खतरा

बालाघाट में मलेरिया का खतरा

भोपाल [ महा मीडिया] बालाघाट में मलेरिया का खतरा कोई अचानक पैदा हुई स्थिति नहीं है। पिछले साल जिले में करीब 1200 मलेरिया मरीज मिलने के बावजूद विभाग ने बीमारी के दोबारा फैलने से रोकने के लिए पर्याप्त सतर्कता नहीं दिखाई। नतीजा यह है कि इस साल अगस्त तक प्रदेश में मिले 1080 मलेरिया मरीजों में करीब एक-तिहाई बालाघाट के हैं। विभागीय आंकड़ों में जिले में 329 से 349 मरीज मिलने की जानकारी सामने आ रही है जिनमें बड़ी संख्या खतरनाक माने जाने वाले फैल्सीपेरम संक्रमण की है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि प्रदेश में इस साल मलेरिया से दर्ज दो मौतें भी बालाघाट की हैं। मलेरिया का खतरा सिर्फ बालाघाट तक सीमित नहीं है। वर्ष 2020 से अब तक मंडला में 30,498, डिंडौरी में 21,135, छिंदवाड़ा में 13,970 और बालाघाट में 7,849 मरीज सामने आ चुके हैं। इस साल भी बालाघाट के बाद छिंदवाड़ा में 92, सतना में 53, डिंडौरी में 52 और झाबुआ में 51 मरीज मिले हैं।

सम्बंधित ख़बरें