कैमरे वाले स्मार्ट चश्मों को लेकर विवाद गहराया
पुणे [महामीडिया]
स्मार्ट चश्मों से बिना अनुमति वीडियो बनाने और निजता के हनन के मामलों के चलते दुनिया भर में इन पर विवाद गहराता जा रहा है। फ्रांस में स्मार्ट चश्मों से महिलाओं के बिना अनुमति वीडियो बनाने के मामलों की जांच शुरू हुई है। इन चश्मों में छोटा कैमरा लगा होता है। इन्हें पहनने वाला बिना मोबाइल निकाले वीडियो बना सकता है। यही वजह है कि इनके गलत उपयोग को लेकर दुनिया के कई देशों में चिंता बढ़ रही है। इन स्मार्ट चश्मों में मेटा के चश्मे सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। मेटा ने यह चश्मे, चश्मा बनाने वाली कंपनी एस्सिलोरलक्सोटिका के साथ मिलकर बनाए हैं। पिछले साल इनके करीब 70 लाख चश्मे बिके थे। जर्मनी में उपभोक्ता समूहों ने मेटा और अन्य स्मार्ट-ग्लासेस निर्माताओं के विरुद्ध गोपनीयता कानूनों के उल्लंघन की शिकायत दर्ज की है। ऑस्ट्रेलिया और नॉर्वे जैसे देश भी इनके उपयोग पर प्रतिबंध पर विचार कर रहे हैं। इन चश्मों में छोटे और छिपे हुए कैमरे व माइक होते हैं जिससे सामने वाले व्यक्ति को यह पता नहीं चलता कि उसकी रिकॉर्डिंग हो रही है। इसमें लगी इंडिकेटर लाइट इतनी हल्की होती है कि उस पर ध्यान नहीं जाता।