इंडिगो एयरलाइंस पर पचास हजार का जुर्माना
मुंबई [महा मीडिया]
दिल्ली के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फ्लाइट रिशेड्यूल होने के बाद यात्री को बोर्डिंग से रोकने के मामले में इंडिगो एयरलाइंस को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए जिम्मेदार ठहराया है।आयोग ने कहा कि बिना पर्याप्त आधार के बोर्डिंग से रोकना सेवा में कमी, लापरवाही और अनुचित व्यापार व्यवहार है। आयोग ने इंडिगो एयरलाइंस को ₹12,713 टिकट राशि 9% ब्याज सहित, ₹50,000 मानसिक पीड़ा और असुविधा के मुआवजे तथा ₹5,000 मुकदमेबाजी खर्च का भुगतान करने का निर्देश दिया है।