बालिका बाल अधिकार पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुहर लगायी

बालिका बाल अधिकार पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुहर लगायी

मैहर [ महा मीडिया] कर्नाटक में एक 16 साल की लड़की का नाम बदलने के लिए उसके माता-पिता हाईकोर्ट पहुंचे। परिवार ने बेटी का नाम ‘लक्ष्मी’ से बदलकर ‘वीणा’ करने की मांग की। उनका कहना था कि ज्योतिष और अंकशास्त्र के हिसाब से ‘वीणा’ नाम बच्ची के लिए ज्यादा शुभ रहेगा। सिविल कोर्ट ने परिवार की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद बच्ची के पिता ने हाईकोर्ट में अपील की। जस्टिस हंचाटे संजीवकुमार ने गुरुवार को निचली अदालत का निर्णय रद्द करते हुए बच्ची का नाम बदलने की अनुमति दे दी। निर्णय में जस्टिस हंचाटे संजीवकुमार ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति की पहचान उसके नाम से होती है। इसलिए नाम से पहचाने जाने का अधिकार नागरिक अधिकार है।

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