लॉटरी से सामजिक राजस्व का केरल मॉडल

लॉटरी से सामजिक राजस्व का केरल मॉडल

जयपुर [ महा मीडिया] केरल सरकार राज्य के राजस्व को बढ़ाने और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए धन जुटाने के वास्ते लॉटरी चलाती है। लॉटरी से मिलने वाले पैसों से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, जिससे बिना नए कर लगाए विकास कार्यों के लिए बजट मिलता है। इससे हजारों लोगों, विशेषकर एजेंटों और विक्रेताओं को आजीविका मिलती है।  इससे होने वाली कमाई का एक हिस्सा स्वास्थ्य योजनाओं में लगाया जाता है जो दिल की गंभीर बीमारियों से पीड़ित गरीबों की मदद करती हैं। साल 1967 में निजी लॉटरी के शोषण को रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए इसे सरकारी नियंत्रण में शुरू किया गया था। केरल में लॉटरी प्रणाली की शुरुआत वर्ष 1967 में हुई थी । 

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