सामजिक समरसता का पर्व कजलियाँ

सामजिक समरसता का पर्व कजलियाँ

भोपाल [ महा मीडिया] कजलियां (कजली या भुजरिया) मुख्य रूप से रक्षाबंधन के अगले दिन मनाया जाने वाला एक पारंपरिक और सांस्कृतिक पर्व है, जो मध्य प्रदेश  के कई हिस्सों में सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे के प्रतीक के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व में सावन की शुरुआत में बोए गए गेहूं या जौ के हरे अंकुर (कजलियां) को देवी-देवताओं को अर्पित किया जाता है। लोग कजलियों को एक-दूसरे के कानों के पीछे रखकर या गले मिलकर बधाई देते हैं, जो आपसी प्रेम, क्षमा और सौहार्द को दर्शाता है।

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