उज्जैन सिंहस्थ के पूर्व तीनों प्रमुख मंदिरों का कायाकल्प होगा
भोपाल [ महा मीडिया] उज्जैन में आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा के तीन अलग-अलग रूप हैं। कालभैरव में आस्था का रौद्र स्वरूप, मंगलनाथ में पूजा-अनुष्ठान की परंपरा और सांदीपनि आश्रम में गुरु-शिष्य संबंध की गौरवशाली कथा। सिंहस्थ-2028 से पहले इन तीनों केंद्रों को इसी विशिष्ट पहचान के अनुरूप नया स्वरूप देने की तैयारी है। कालभैरव में आस्था, मंगलनाथ में साधना और सांदीपनि में ज्ञान की अपनी-अपनी कथा को नए परिसर में महसूस करने का अवसर मिलेगा। योजनाओं में मंदिरों के जीर्णोद्धार, संरक्षण और सौंदर्यीकरण के साथ वेटिंग एरिया, फैसिलिटी सेंटर, पार्किंग, प्रसादी व खान-पान की दुकानें और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी जगह दी गई है। यानी सिंहस्थ में उमड़ने वाली भीड़ के बीच दर्शन की राह अधिक व्यवस्थित और परिसर अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश है। उज्जैन सिंहस्थ मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर हर 12 साल में आयोजित होने वाला एक विशाल महाकुंभ पर्व है। अगला सिंहस्थ महापर्व 27 मार्च 2028 से 27 मई 2028 तक दो महीने (60 दिन) की अवधि के लिए आयोजित किया जाएगा।